पीएमओ15 दिन में बताए खाते में कब आएंगे

By: on: 9/3/2016 10:35:53 AM



पीएमओ15 दिन में बताए खाते में कब आएंगे

जीवन उत्साह:नई दिल्ली। केंद्रीय सूचना आयोग ने प्रधानमंत्री कार्यालय को पंद्रह दिन में ये बताने का निर्देश दिया है कि लोगों के खाते में 15-15 लाख रुपए कब आएंगे। आयोग ने उस आरटीआई आवेदन पर पीएमओ को जवाब देने का निर्देश दिया है, जिसमें सवाल किया गया है कि उसके खाते में 15 लाख रुपए कब आएंगे। आरटीआई में पूछा गया है कि नरेंद्र मोदी ने जो वादा 2014 के आम चुनाव के दौरान किया था, वो रकम खाते में कब आएगी।
दरअसल राजस्थान के झालावाड़ ज़िले में कन्हैया लाल नामक एक व्यक्ति ने प्रधानमंत्री कार्यलय को एक ज्ञापन सौंपा था। इसमें 2014 को लोकसभा चुनाव के दौरान कालाधन वाप्स लानमे और सबके खाते 15-15 लाख रुपए जमा कराने का वादा याद दिलाते हुए प्रधानमंत्री से पूछा गया था कि उसके खाते में ये रखम कब तक आएगी। पीएमओ की तरफ से कोई जवाब नहीं मिलने पर कन्हैया लाल ने आरटीआई के जरिए अर्जी लगाकर पीएमओ से जवाब मांग लिया कि उसके ज्ञापन पर अभी तक क्या कार्रवाई हुई है। आरटीआई का भी जवाब नहीं मिला तो कन्हैया ने केंद्रीय सूचना आयोग मे शिकायत कर दी। आयोग ने पीएमओ के अधिकारियों को तलब किया। मामले की सिनवाई के बाद आयोग ने पीएमओ को 15 दिन मे कन्हैया के सवालो का जवाब देने निर्देश दिया है।
मुख्य सूचना आयुक्त राधा कृष्ण माथुर के मुताबिक, "पीएमओ को भेजे ज्ञापन में जिक्र किए गए विभिन्न ब्यौरों में लाल ने प्रधानमंत्री कार्यालय से पूछा था कि चुनाव के समय, घोषणा की गई थी कि कालाधन वापस भारत लाया जाएगा और हर ग़रीब के खाते में 15 लाख रुपए जमा किए जाएंगे। शिकायतकर्ता जानना चाहता है कि उस वादे का क्या हुआ। कन्हैया लाल की याचिका का जिक्र करते हुए माथुर ने कहा कि शिकायतकर्ता प्रधानमंत्री से जवाब चाहता है कि चुनाव के दौरान देश से भ्रष्टाचार को खत्म करने की घोषणा की गई था। लेकिन भ्रष्टाचार 90 प्रतिशत तक बढ़ गया है। याचिकाकर्ता जानना चाहता है कि क्या देश से भ्रष्टाचार को मिटाने के लिए नया क़ानून कब बनाया जाएगा। बनाया जाएगा तो कब बनाया जाएगा। कन्हैया लाल ने अपनी याचिका में यह भी जिक्र किया है कि सरकार की तरफ से घोषित योजनाओं का लाभ सिर्फ धनी और पूंजीपति तक ही सीमित है और यह गरीबों के लिए नहीं है। कन्हैया लाल ने यह सवाल भी किया है कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में वरिष्ठ नागरिकों को रेल यात्रा में टिकटों पर दी गई 40 प्रतिशत रियायत क्या इस सरकार की तरफ से वापस ली जा रही है। माथुर ने कहा कि पीएमओ के सीपीआईओ का जवाब रिकार्ड में नहीं है। माथुर ने अपने आदेश में कहा है कि इस आरटीआई आवेदन पर शिकायतकर्ता को 15 दिनों में जवाब दिया जाना चाहिए।