क्या राहुल गांधी खाट की लूट मचा कर अपनी खाट खड़ी करवाना चाहते हैं?

By: on: 9/7/2016 2:50:09 PM



क्या राहुल गांधी खाट की लूट मचा कर अपनी खाट खड़ी करवाना चाहते हैं?

इस दुनिया में हर व्यक्ति का अपना व्यक्तित्व होता है और उसी व्यक्तित्व के हिसाब से वह व्यक्ति अपने जीवन में किसी मंजिल को पाने के हकदार बनता है। मैं अक्सर यह कहता हूं कि अगर मुझे दुनिया में तीन ऐसे लोगों को ढूंढना हो, जिन्हें अपने व्यक्तित्व से नहीं वल्कि विरासत में कोई मंजिल मिली है तो उनमें सबसे पहले अभिषेक बच्चन, दूसरे राहुल गांधी और तीसरे संता और बंता हैं। यह तीनों ऐसी शख्सियत इस धरती पर पाई जाती हैं, जिनका अपना कोई भी वजूद नहीं है और न ही उनका वजूद भविष्य में दिखाई देने के लायक है। यह लोग अपने आपको कितना भी बड़ा साबित क्यों न कर लें। इनके पास न तो कोई तजुर्बा है और न ही वह अपने बुजुर्गों के तजुर्बे से सीखना चाहते हैं। राहुल गांधी जिस तरह की हरकतें करते रहते हैं। इससे यह साबित होता है कि उन्हें तजुर्बे की कितनी कमी है। मेरा ऐसा भी कहना नहीं है कि राहुल गांधी गलत हों। हो सकता है मेरा नजरिया ही उनके प्रति ऐसा रहा हो। मैं भी गलत हो सकता हूं। परंतु राहुल गांधी का कोई भी बयान राजनीति में परिवर्तन नहीं लेकर आया है। राहुल गांधी जब से पार्टी का नेतृत्व रहे हैं तब से ही पार्टी रोड पर गिरे हुए चने के दाने की तरह बिखर गई। जिसे इकट्ठा करना इतना मुश्किल है। जितना उन चनों को इकट्ठा करना मुश्किल है। राहुल गांधी अपनी गलतियों को या तो सुधारना नहीं चाहते हैं। या फिर जानबूझकर पार्टी के लिए खड्डा खोदने के लिए तैयार बैठे हैं। लोगों के बीच अपने कद को साबित करने के लिए बहुत योग्यता की जरुरत होती है। नेतृत्व की कमी राहुल गांधी के अंदर साफ देखी जा सकती है। बहरहाल राहुल गांधी चाहे घाट की लूट मचा ले। चाहे कुछ भी कर ले। फिलहाल कांग्रेस कि खाट खड़ी करवाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।